बुधवार, 24 अप्रैल 2013


बदलती दुनिया

किसी की वजह से आप लोगों के बीच कभी प्यार हो न जाए कम,
अपनों के लिए अब जीना सीखो, भुल जाओगे सारे गम,
जीवन उसी का नाम है, जिसमें होती रहे परिवर्तन,
रब से ये आरजु है हमारी, खुष रहो जहां भी रहो, और जिसके भी संग,
जहां जररुत महसूस हो आवाज लगाकर तो देखो, वादा करते हैं,लौट आयेंगे हम
प्यार नही दोस्ती के नाते, सांथ निभायेंगे जन्मो-जनम
बदलती रहती है दुनिया, और दुनिया के रंग,
क्योंकि वो जानती है, संघर्ष है.. यह जीवन,
आप लाख चाहकर भी बदल नही सकते, दुनिया के कानून दुनिया के नियम,
इस लिए मैं एक बार फिर कहुंगा, बदलती रहती है दुनिया, और दुनिया के लोगों का मन,
और अब अगर र्इजाजत हो तो रोकना चाहुंगा मै अपना कलम, क्योकि........
बदल रही दुनिया, और दुनिया के रंग,
मैने तो अपने आप को ढाल ही लिया
अब आप भी बदल जार्इये , इस बदलतें दुनिया के संग
ये मेरी पहली स्वयं की रचना है
इसे समझिये ना संकलन
बस आप से इतनी ही विनती करता है,
आपका हितैषी मित्र बजरंग..............
बजरंग यादव 
बेलादुला खर्राघाट रायगढ़ 
9039024494

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